मंदसौर
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को प्रशासन ने मप्र की सीमा में घुसने नहीं दिया। खोर गेस्ट हाउस में रखने के बाद वे शाम को फिर उदयपुर जा रहे थे। लौटते समय निम्बाहेड़ा-उदयपुर रोड पर निम्बाहेड़ा से लगभग 5 किमी दूर निंदवा गांव में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने मृतक किसानों के परिजनों से राहुल गांधी की मुलाकात कराई।
परिजनों ने गांधी को बताया कि पुलिस ने बिना चेतावनी के गोलियां चलाई हैं और कुछ किसानों को पास बुलाकर गोली मारी गई है। उन्होंने बताया कि हमारी इच्छा है इन किसानों को शहीद का दर्जा मिले। साथ ही किसान आंदोलन की मांगें भी महज इतनी सी है कि हमारा कर्जा माफ हो, लागत मूल्य का 50 प्रश लाभ तय कर फसल के मूल्य तय हो। अभी स्थिति यह है कि फसलों के दाम लागत मूल्य भी नहीं निकाल पा रहे हैं। किसान को अपनी उपज का मूल्य तय करने का भी अधिकार नहीं है।
जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपको ऐसी घड़ी में परेशान नहीं करना चाहता था और आपके घर आकर शांतिपूर्वक मिलना चाहता था। पर कर्फ्यू व अन्य परिस्थितियों के कारण प्रशासन ने मुझे पहुंचने ही नहीं दिया। पर स्थिति सामान्य होने पर फिर से लौटकर आउंगा और आपकी पूरी लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे। लोकसभा में भी इस मसले को उठाउंगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूंजीपतियों के करोड़ो-अरबों के कर्जे माफ कर रही है और किसानों का कर्जा माफ करने में उन्हें परेशानी हो रही है।