नई दिल्ली
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने मंत्रालय के काम को लेकर काफी गंभीर रहती हैं. फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लोगों की मदद करने वाली सुषमा स्वराज से दिल्ली महिला आयोग ने मदद मांगी है. यह मदद ओमान में फंसी उन करीब 45 महिलाओं के लिए है, जो अच्छे रोजगार की तलाश में एजेंट के जरिए दुबई गई थी.
एजेंट इन महिलाओं को नर्सिंग के काम के लिए दुबई लेकर गया था, लेकिन कुछ दिन दुबई रखने के बाद वह इनको ओमान ले गया और वहां किसी एजेंट के पास छोड़ दिया, जिसने इन महिलाओं को लोगों के घरों में काम करने के लिए लगवा दिया, जहां इनके साथ काफी बुरा व्यवहार हो रहा है. दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति जयहिंद ने केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर मदद की अपील की है.
दिल्ली महिला आयोग की सहयोगी एनजीओ नवसृष्टि के पास इन महिलाओं ने ओमान से अपनी शिकायतें भेजकर मदद की गुहार लगाई थी. ओमान मे पुदुचेरी, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य कई राज्यों की महिलाएं फंसी हुई है. वहां के लोगों ने इनके पासपोर्ट भी छीन लिए हैं. इन महिलाओं का कहना है कि वे इंडियन एंबेसी के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन वहां से भी इनको मदद नहीं मिल रही है.
कई महिलाएं बीमार तक हो गई है और वे अपने बच्चों से मिलने के लिए तड़प रही हैं. एक महिला की उम्र 60 साल है, जिसके साथ वहां काफी मारपीट की गई. इन महिलाओं का कहना है कि जब ये वापस अपने देश जाने के लिए कहती है, तो इन्हें जेल भेजने की धमकी दी जाती है. इन महिलाओं का कहना है कि वे अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अपना देश छोड़कर बाहर काम करने के लिए आई थीं, लेकिन इन्होंने यह नहीं सोचा था कि यहां आकर वे मुसीबत में फंस जाएंगी.
इन महिलाओं ने गुहार लगाई है कि कैसे भी करके उन्हें बस अपने देश वापस बुला लिया जाए, ताकि वे अपने परिवार और बच्चों से मिल सकें. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने कहा कि उनके पास उनकी सहयोगी एनजीओ से ओमान में फंसी महिलाओं की शिकायतें आई हैं, जिन पर कार्रवाई करने के लिए उन्होंने सुषमा स्वराज के ऑफिस विदेश मंत्रालय भिजवा दिया है.
स्वाति जयहिंद ने बताया कि उन्होंने सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर इस मसले पर मिलने का समय भी मांगा है. उन्होंने कहा की सुषमा स्वराज बहुत ही सक्रिय मंत्री हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि वो इन फंसी हुई महिलाओं की मदद जरूर करेंगी


































