Home राज्य अन्य इन चीजों पर कम हो सकती है GST की दर

इन चीजों पर कम हो सकती है GST की दर

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इडली, डोसा पाउडर से लेकर रसोई घरों में उपयोग होने वाले गैस लाइटर सस्ते हो सकते हैं। जीएसटी काउंसिल इन जिंसों पर दरें कम किए जाने पर विचार कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो दर्जन से अधिक उत्पादों के मामले में विसंगतियां पाए जाने के बाद काउंसिल ने इन जिंसों पर लगने वाली दरों पर विचार करने का फैसला किया है।

गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के बाद टैक्स से बचने के लिए कुछ कंपनियों के अपने ब्रैंड का रजिस्ट्रेशन रद्द कराए जाने के मामले से निपटने के लिए ‘फिटमेंट कमेटी’ ने जीएसटी काउंसिल के सामने रजिस्टर्ड ब्रैंड पर जीएसटी के लिए 15 मई 2017 को अंतिम तारीख रखने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत अगर इस तारीख के बाद ब्रैंड का रजिस्ट्रेशन रद्द कराया भी गया है तो उस पर टैक्स लगेगा।

इस बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद अंतिम निर्णय करेगी। काउंसिल में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। परिषद की अगली बैठक हैदराबाद में 9 सितंबर को होगी। उल्लेखनीय है कि बिना ब्रैंड वाले जिंसों को जीएसटी से छूट दी गई है, जबकि ब्रैंडेड और डिब्बाबंद खाद्य वस्तुओं पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। इसीलिए कई कंपनियों ने शुल्क से बचने के लिए अपने ब्रैंड का रजिस्ट्रेशन रद्द कराया है।

सूत्रों के मुताबिक जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने दो दर्जन से अधिक जिंसों के नई दर ढांचे को मंजूरी दी है और इस संदर्भ में प्रस्ताव निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय को भेजा है। उसने कहा कि जीएसटी परिषद की 5 अगस्त को हुई बैठक में इनमें से कुछ जिंसों पर लगने वाली दरों पर विचार किया और उनमें से कुछ के मामले में दरों में कमी किए जाने को मंजूरी दी।

शेष वस्तुओं के बारे में 9 सितंबर को होने वाली अगली बैठक में विचार किया जाएगा। हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किन वस्तुओं पर टैक्स की दरें कम की गईं हैं। उसके अनुसार सूखी इमली पर जीएसटी मौजूदा 12 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। भूना हुआ चना के मामले में यही प्रस्ताव किया गया है।

कस्टर्ड पाउडर पर जीएसटी मौजूदा 28 प्रतिशत के बजाए 18 प्रतिशत जबकि इडली-डोसा पाउडर पर 18 प्रतिशत के बजाए 12 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया है। ऑइल केक पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा चाहे इसका उपयोग कहीं भी हो। पशुओं के खिलाने में उपयोग होने पर ऑइलकेक पर दर शून्य है। धूप बत्ती, धूप और अन्य इसी प्रकार की वस्तुओं पर जीएसटी मौजूदा 12 प्रतिशत से कम टैक्स 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इससे धूप बत्ती अगरबत्ती के स्तर पर आ जाएगी जिसपर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है।

हवन सामग्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा जो अभी शून्य है। झाड़ू और सफाई ब्रश पर कोई टैक्स नहीं लगाने का प्रस्ताव है, जबकि अभी इस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। मनका और ऐसी मालाओं पर भी 18 प्रतिशत के बजाए 5 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव है।

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