मालवेयर ‘वानाक्राई’ के बाद अब दुनियाभर में चीनी साइबर अटैक हुआ है. इसने भारत को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. मालवेयर फायरबॉल ने विश्वभर में करीब 25 करोड़ कम्यूटरों को अपनी चपेट में लिया है. सुरक्षा फर्म चेक प्वाइंट ने इसके तेजी से फैलने की चेतावनी जारी की है.
बता दें कि इससे पहले भारत, ब्रिटेन और फ्रांस समेत विश्व के 100 से ज्यादा देशों में मालवेयर वानाक्राई साइबर अटैक हुआ था. हैकरों ने अस्पतालों से लेकर निजी विभागों तक के कम्यूटरों को हैक कर लिया था और कई सौ डॉलर की फिरौती मांगी थी. सुरक्षा फर्म चेक प्वाइंट का कहना है कि इस चीनी वायरस से 25 करोड़ कम्प्यूटर प्रभावित हुए हैं. भारत के बाद इसने सबसे ज्यादा ब्राजील को प्रभावित किया है. चेक प्वॉइंट के मुताबिक इस ऑपरेशन के पीछे चीनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी का हाथ है.
किसी भी कोड को तोड़ सकता है यह वायरस
सुरक्षा फर्म का कहना है कि इस मालवेयर वायरस में दूर से ही फाइलें डाउनलोड करने की क्षमता है. यह प्रभावित कम्प्यूटर पर किसी भी प्रकार के कोड को दूर बैठे ही रन करा सकता है. फाइलों को डाउनलोड कर सकता है. वायर्ड डॉट कॉम की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वायरस को ब्राउजर को हैक करने के लिए ही डिजायन किया गया है. यह डिफाल्ट सर्च इंजन गूगल को बदल देता है और बीजिंग स्थित डिजिटल मार्केटिंग फम राफोटेक की तरफ से प्रभावित यूजर के वेब ट्रैफिक की निगरानी करता है.
कॉरपोरेट नेटवर्क का पांच में से एक कम्यूटर प्रभावित
चेकप्वाइंट का अनुमान है कि दुनिया भर में कॉरपोरेट नेटवर्क के पांच में से एक कंप्यूटर इस मालवेयर से प्रभावित हैं. सुरक्षा फर्म के शोध दल का कहना है कि यह वायरस कंप्यूटरों के एक्सेस के लिए बैकडोर सॉफ्टवेयर इंस्टाल कर देता है. इसकी मदद से मॉलवेयर हमला करने वाले चीनी हैकर आसानी से कुछ भी हैक कर सकते हैं.


































