रायसेन जिले की 28 साल की महिला की गुरुवार को भोपाल में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। यह इस साल की भोपाल की पहली मौत है।इसके पहले शहडोल में करीब 15 दिन पहले एक मरीज की मौत हुई थी। पिछले एक हफ्ते से आईडीएसपी भोपाल द्वारा एम्स भोपाल में हर दिन करीब 6 से 10 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
एक हफ्ते से हर दिन एक मरीज को स्वाइन फ्लू निकल रहा है। इसके बाद भी काटजू अस्पताल व गैस राहत के अस्पतालों में अलग से ओपीडी नहीं बनाई गई है।जेपी अस्पताल में चार दिन पहले ही अलग से ओपीडी शुरू की गई है, लेकिन इसका समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ही है। इसके बाद इमरजेंसी के डॉक्टर ही स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों को भी देखते हैं।

































