नई दिल्ली
अपने होम ग्राउंड फिरोज शाह कोटला पर न्यू जीलैंड के खिलाफ अपने इंटरनैशनल करियर का आखिरी मैच खेलने वाले आशीष नेहरा ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 18 साल तक इंटरनैशनल क्रिकेट खेलने वाले नेहरा ने मैच के बाद कहा कि वह इस खेल बहुत मिस करेंगे। हालांकि अपने करियर में लगातार चोटों से जूझते रहे नेहरा ने कहा कि अब उनके शरीर को आराम मिलेगा।
38 वर्षीय आशीष नेहरा अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच में भले बी एक भी विकेट न ले पाए हों, लेकिन उनके लिए सुखद बात यह रही कि टीम इंडिया ने इस मैच में उन्हें जीत के साथ विदाई दी। नेहरा ने इस मैच में 4 ओवर फेंककर 29 रन दिए। मैच के बाद नेहरा ने कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर से बात करते हुए कहा, ‘मैं यह सब बहुत मिस करूंगा। आप इसी चीज के लिए तैयार होते हैं। मैंने पहले भी कहा था, अब मेरा शरीर आराम से रहेगा। मैंने अपने आप को तैयार किया था और मैं अभी अगले दो महीने या एक साल और खेल सकता था, लेकिन कौन जानता है कि आपको इससे बेहतर और इससे बड़ी विदाई का मौका बाद में मिलता या नहीं। इस मौके पर अपनी नीली जर्सी टांगने का यह सही समय था।’
नेहरा ने कहा, ‘मैं शायद भारत का ऐसा बोलर रहा होऊंगा, जिसने भारत की ओर सबसे ज्यादा स्लॉग ओवर में बोलिंग की होगी। लेकिन यह एक अलग तरह का दबाव होता है, लेकिन आज मेरे लिए सबकुछ बहुत सहज था। यह एक बड़ा बदलाव है और क्रिकेट के 18-19 साल से मैंने यही देखा है। मैंने यहां अपना पहला मैच 1997 में खेला था और तब से लेकर आज तक यहां बहुत तेजी से बदलाव हुए हैं।’
नेहरा ने क्रिकेट में आए बदलाव पर कहा, ‘बीते 18 साल में अब खेल के कई नियम बदल चुके हैं। अब ढेरों रन बन रहे हैं। यह एक बेहतरीन टीम है और मौजूदा भारतीय टीम अगले 7-8 साल तक अच्छे हाथों में है। प्रत्येक 8-10 साल में खेल बदल जाता है इसलिए मैं पीढ़ियों में तुलना करना पसंद नहीं करता। इससे पहले हमारे पास गांगुली, एमएस (धोनी) और सचिन सरीखे चैंपियन प्लेयर थे, मैं सबका नाम नहीं ले सकता। कुल मिलाकर यह एक शानदार यात्रा रही।’
इसके बाद नेहरा ने पूरे मैदान का चक्कर काटा और नेहरा के साथ पूरी टीम इंडिया उनके लिए तालियां बजाकर अभिवाद कर रही थी। बाद में नेहरा को कैप्टन विराट कोहली और शिखर धवन ने अपने कंधों पर उठाकर कुछ दूर तक मैदान पर घूमाया। दिल्ली के लिए खेलने चुके नेहरा के पूर्व साथी खिलाड़ी वीरेंदर सहवाग और आकाश चोपड़ा भी इस मौके पर मौजूद थे। इन दोनों ने भी नेहरा को गले लगाया।


































