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दूसरी क्लास पास ने खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, अब पुलिस पड़ी पीछे

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लखनऊ

कक्षा दो पास सूरज ने पांचवीं पास पत्नी शालिनी के साथ मिलकर 16 साल में लखनऊ में करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर दिया। एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि सूरज के पिता का कोलकाता में कपड़े का छोटा सा व्यवसाय था। वह सब्जी की एक दुकान में नौकरी करता था। 2001 में वह लखनऊ आया और दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक सामान लाकर नाका बाजार में बेचने लगा। सूरज ने इस धंधे से पैसा बनाकर दो ट्रक खरीद लिए। इस बीच उसकी मुलाकात कानपुर में ट्रक का ढांचा बनाने वाले इकबाल की बेटी शालिनी से हुई। उसने शालिनी से प्रेम विवाह कर लिया।

एक ही जमीन पर करवाए कई लोन
सूरज ने पत्नी और अपने नाम से जानकीपुरम के सेक्टर-6 में जमीन की रजिस्ट्री करवाई। इस जमीन पर उसने पहले सिंडिकेट बैंक से 39 लाख रुपये का लोन लिया। इसके बाद उसने रजिस्ट्री खोने का अखबारों में विज्ञापन निकलवाया। उसी विज्ञापन और पत्नी के हिस्से का कागजात दिखाकर विजया बैंक हजरतगंज से एक करोड़ का लोन करवा लिया। इसके बाद उसने विजया बैंक के तत्कालीन एजीएम सुशांत नाग के साथ मिलकर ताजी सब्जियों और काले नमक का स्टॉक दिखाकर पांच ट्रक खरीदने के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपये का लोन ले लिया। इस केस में सर्वे सुशांत नाग ने ही किया था।

19 ट्रक एलपीजी ट्रांसपोर्ट के काम में लगे
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सूरज के 19 ट्रक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से अनुबंधित हैं। वहां ये एलपीजी ढोने का काम करते हैं। एसटीएफ यह पता लगा रही है कि इसके अलावा भी और कितने ट्रक व संपत्तियां सूरज के पास हैं।

जमीनों में भी किया फर्जीवाड़ा
एसटीएफ के मुताबिक सूरज ने जानकीपुरम में किसी और की जमीन अपने नाम ट्रांसफर करवा ली। इस मामले में वहां एक एफआईआर दर्ज है। इसी तरह उसने गुडंबा के बहादुरपुर की एक जमीन पर एसबीआई से 42 लाख रुपये का लोन करवाया और उसी जमीन पर जिलाधिकारी कार्यालय से हैसियत प्रमाणपत्र भी बनवा लिया।

5 से 20 प्रतिशत तक का कमीशन
एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के मुताबिक सूरज ने विजया, कोटक, सिंडिकेट, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, टाटा फाइनेंस, टाटा कैपिटल, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंक के अफसरों से मिलीभगत करके करोड़ों का लोन घोटाला किया। वह बैंक के अफसरों को लोन कराने के एवज में 5 से 20 प्रतिशत तक कमीशन देता था। उसने कबूला है कि विजया बैंक के सुशांत नाग को लोन कराने के एवज में करीब 20 लाख रुपये दिए थे।

महंगे शौक पर खर्च करता है लाखों
सूरज अपने महंगे शौक के लिए लाखों रुपये खर्च करता है। आए दिन वह नेपाल जुआ खेलने के लिए जाता है। इस दौरान उसने कई बार बड़ी रकम जीती और हारी हैं। एसटीएफ उसके बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। उन बैंक अफसरों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जिन्होंने कमीशन लेकर इस करोड़ों के बैंक लोन दिए। सूरज के खिलाफ विकास नगर, जानकीपुरम और हजरतगंज में वर्ष 2015 और 2016 से एफआईआर दर्ज हैं। उस पर और पत्नी शालिनी के खिलाफ विकास नगर थाने से 12-12 हजार रुपये का इनाम घोषित है।

फर्जी प्रेस कार्ड भी मिला
सूरज के पास से एंटी करप्शन न्यूज ऐंड न्यूज का कार्ड भी मिला है। उसने बताया कि वीके दीक्षित नाम के व्यक्ति ने उसका यह कार्ड बनवाया है। वह खुद को पत्रिका का संचालक बताता है। सूरज खुद को इस पत्रिका का राष्ट्रीय संरक्षक बताता है। सूरज के पास से आउडी कार और स्कॉर्पियो समेत कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

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