इंदौर
भीषण गर्मी और उमस के बीच सोमवार को मौसम ने फिर मिजाज बदला। शाम होते ही शहर में सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने लगी। तूफानी हवा थमने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में ओले भी गिरे। एक घंटे में शहर में पानी ही पानी हो गया। करीब ढाई इंच बारिश रिकार्ड की गई है। उधर तेज हवा से शहर के कई इलाकों में पेड़ धराशाई हो गए। जिससे जाम लग गया। बारिश थमने के बाद लोग घर जाने के लिए निकले तो जाम में फंस गए और घंटो तक फंसे रहे। इधर तेज हवा से एक फ्लाइट भी डायवर्ट करना पडी।
दोपहर में तेज धूप के बाद शाम होते होते मौसम का मिजाज बदला और 4 बजे से शहर में बादल छाने लगे। इसके बाद शाम साढे 5 बजे के बाद से बारिश होना शुरू हुई। पूरे शहर में एक साथ शुरू हुई बारिश से कुछ ही देर में पूरा शहर पानी पानी हो गया। आंधी में दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए और पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। एकाएक चली आंधी, तूफान और तेज बारिश से पूरे शहर में अफरा तफरी मच गई। घबराएं लोगों को जहां जगह मिली वहीं छुपने की जगह बना ली। हालात यह थे कि पूरे शहर में ट्रेफिक जाम और बत्ती गुल रही ।
खुल गई व्यवस्थाओं की पोल
बारिश के कारण शहर में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। पूरे शहर में सड़कों पर पानी भर गया। कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। अन्नपू र्णा मंदिर क्षेत्र और बीआरटीएस पर जगह जगह पानी भर गया। इसके अलावा एमआर 9 चौराहे पर भी पानी भर गया था। इसके अतिरिक्त सड़क पर बीचो बीच पेड़ गिरने से घंटों जाम लगा रहा।
इन क्षेत्रों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा बारिश एरोड्रम क्षेत्र, बड़ा गणपति, राजमोहल्ला, अन्नापूर्णा क्षेत्र में हुई। मौसम केंद्र के मुताबिक 65.2 मिलिमीटर बारिश रिकार्ड हुई है। मौसमविद्ों के अनुसार गुजरात व महाराष्ट्र में ऊपरी हवा में चक्रवात की स्थिति बनने से एकाएक तूफानी बारिश की स्थिति बनी।
शाजापुर में आंधी से गिरी पेट्रोल पंप की छत, 4 लोग घायल, 100 पेड़ गिरे
शाजापुर। प्री-मानसून की पहली बारिश ने सोमवार को शहर में जैसे कहर ढहाया। 45 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चले और कुछ देर ही में तबाही मचा दी। एबी रोड पर नित्यानंद आश्रम के पास स्थित पेट्रोल पंप की लोहेे की चद्दरों से बनी छत गिर गई। इससे उसके नीचे खड़े 4 लोग घायल हो गए, जबकि 15 से ज्यादा लोगों की जान बच गई। करीब एक घंटे तक आंधी-तूफान ने तांडव मचाया।
इससे शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में 100 से ज्यादा पेड़ धरासायी हो गए। पेड़ों के गिरने से कई बिजली के तारों पर गिर गए। इस कारण शहर में घंटों तक बिजली गुल रही। वहीं तेज हवा से कई शादियों के टेंट-तंबू उखड़ गए।
शहर में पेट्रोल पंप की छत गिरने से रामकुंवरबाई पति गोकुलसिंह (50) खैरखेड़ी, धनसिंह पिता बलदेवसिंह (60) बड़नपुर गुर्जर, विपिल पिता गोपालकृष्ण पालीवाल (38) दुपाड़ा एवं अनिल पिता करणसिंह (22) ग्राम नारायणगांव को सिर, पीठ, हाथ-पैर आदि जगह चोट लगी। यह सभी खुद या परिजनों के साथ पंप पर गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने आ रहे थे। तभी शाम 4 बजे तेज हवा एवं बारिश होने से वे सभी पंप के नीचे ही रूक गए।
तभी उन पर छत गिर गई और वे चोटिल हो गए। जैसे ही आंधी थमी, तुरंत सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। हादसे के दौरान पंप के नीचे और भी कई लोग खड़ थे। जिनमें से कई अपनी जान बचाकर भागे। पंप संचालक ने बताया कुछ महीने पहले ही छत बनाई गई थी। हवा की तेज रफ्तार की वजह से वह धरासायी हो गई। करीब आधा दर्जन पंपकर्मी भी आसपास ही थे। ऐसे में वे भी बच गए।
शाम 4 बजे 50 किमी की रफ्तार से हवा
पूरे दिन उमस एवं गर्मी के बाद शाम 4 बजे मौसम ने अचानक करवट बदल ली और रिमझिम बारिश के साथ हवा चलने लगी। देखते ही देखते हवा तेज हो गई। आंधी-तूफान चलने से लोग इधर से उधर भागने लगे लेकिन हवा और तेज हो गई।
करीब एक घंटे तक 35 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जबकि 45 से 50 किमी की रफ्तार से झौंकों ने बर्बादी ढहा दी। दुकान के बाहर रखा सामान उड़ने लगी। आंधी के साथ तेज बारिश भी हुई। एक घंटे तक यही सिलसिला चलता रहा। शाम 5 बजे बाद हवा तो थम गई किंतु रिमझिम व तेज बारिश का दौर जारी रहा।
शहर में 60 से ज्यादा पेड़ गिरे
आंधी-तूफान से शहर में ही 60 से ज्यादा पेड़ या तो धरासायी हो गए। या फिर उनकी बड़ी-बड़ी टहनियां टूटकर जमीन पर आ गिरी। सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन व गांधी हॉल के क्षेत्रों में पेड़ गिरे। स्टेशन रोड पर 8 से 10 लुकेलिप्टस एवं बबूल के पेड गिर गए, जबकि होमगार्ड लाइन में आधा दर्जन से ज्यादा पेड़ धरासायी हो गए।
नित्यानंद आश्रम के सामने लुकेलिप्टस का एक पेड़ टूटकर बिजली लाइन पर गिरकर लटक गया। इससे एबी रोड पर यातायात बाधित हुए। पेड़ हाईवे किनारे ही लगा था। इससे क्षेत्र की बिजली भी गुल हो गई। इसके अलावा हरायपुरा, बेरछा रोड, उद्योग विभाग के पीछे, लालघाटी क्षेत्र, लौंदिया रोड, दुपाड़ा रोड आदि स्थानों पर भी पेड़ गिरे। ज्यादातर पेड़ बिजली के तारों पर ही गिरे। वहीं होमगार्ड लाइन रोड के पास चाय की गुमटी पर पेड़ गिर गया।
3 जगह टूटे तार, घंटों बिजली गुल
तेज आंधी से विजयनगर, हरायपुरा समेत तीन स्थानों पर बिजली के तार टूट गए, जबकि गांधी हॉल के पास पोल गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर पेड़ तार या पोल पर गिरे। इस कारण बिजली गुल हो गई। एई गौरव दुबे ने बताया बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कुल पांच टीमें बनाई गई, जो बिजली व्यवस्था सुधारने में जुटी रही।
पतोली में भैंस पर गिरी बिजली
शहर के पास स्थित ग्राम पतोली में शाम को बिजली गिरी। बिजली एक भैंस पर गिरी थी। इससे भैंस की मौत हो गई। बारिश व आंधी चलने से पहले व बाद में गर्मी व उमस का असर बढ़ गया। इससे लोग पसीना-पसीना हो गए। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 42.2 एवं न्यूनतम 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक घंटे बारिश के दौरान 9 मिमी बारिश दर्ज की गई।

































